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Business Idea: ऐसे करें ग्रीन गोल्ड का बिजनेस, होगी लाखों में कमाई

Business Idea: ऐसे करें ग्रीन गोल्ड का बिजनेस, होगी लाखों में कमाई

Business Idea: ऐसे करें ग्रीन गोल्ड का बिजनेस, होगी लाखों में कमाई
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By HINDICNBCTV18.COMJan 25, 2023 8:16:08 AM IST (Updated)

Business Idea: आज हम आपको नाशपाती की खेती के बारे में बता रहे हैं. इस फल को खाने के भी कई फायदे हैं. क्‍योंकि इसमें फाइबर और आयरन भरपूर मात्रा में होता है.

Pears Fruit Farming: आजकल किसान अपने तरीके से कुछ खास खेती करने के लिए प्रेरित होते हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि वे अपनी आय में वृद्धि की तलाश कर रहे हैं. किसानों में दिन-प्रतिदिन बढ़ती शिक्षा के कारण आजकल वे खेती में तकनीक, अन्य विदेशी और देशी विशेष बीजों का उपयोग कर रहे हैं.
आज हम आपको नाशपाती की खेती के बारे में बता रहे हैं. इस फल को खाने के भी कई फायदे हैं. क्‍योंकि इसमें फाइबर और आयरन भरपूर मात्रा में होता है. जिससे शारीरिक स्वास्थ्य पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है और आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में बने रहते हैं.
कैसे करें खेती
इस फल की खेती गर्म आर्द्र उष्ण कटिबंधीय मैदानों से लेकर शुष्क समशीतोष्ण और उच्चभूमि तक की जाती है. उच्च फल उत्पादन के लिए इष्टतम तापमान 10 से 25 डिग्री सेल्सियस है. इसकी खेती के लिए मध्यम बनावट वाली बलुई दोमट और गहरी मिट्टी सर्वोत्तम मानी जाती है. मिट्टी का पीएच मान 7 से 8.5 के बीच होना चाहिए. भारत में प्रमुख नाशपाती उगाने वाले राज्य जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश हैं.
हल या कल्टीवेटर की सहायता से खेत की गहरी जुताई करें, खेत को 2 से 3 बार पलट कर खेत तैयार कर लें। पानी छोड़ दें और ब्रेक टाइम रखें. फिर रोटावेटर की सहायता से 2 से 3 बार खेत की जुताई कर मिट्टी को ढीला कर लें.
रोपण और सिंचाई के लिए दो पौधों के बीच 8*4 की दूरी रखनी चाहिए. मिट्टी को ठीक से समतल करें ताकि पानी आसानी से निकल सके. गर्मियों में 5 से 7 दिनों के अन्तराल पर और सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए.
नाशपाती की अच्ची किस्में
अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए नाशपाती की खेती में वर्मीकम्पोस्ट या अच्छी तरह से सड़ी गोबर की खाद का उपयोग करना चाहिए. समय-समय पर फटकारना भी जरूरी है. अच्छी गुणवत्ता वाले फलों के लिए प्रूनिंग भी की जाती है. जिसमें रोगग्रस्त, नष्ट, टूटी एवं कमजोर शाखाओं को काटकर पेड़ से अलग कर देना चाहिए.
नाशपाती की नई किस्मों में लेक्सटन सुपर्ब, थम्ब पीयर, शिनसुई, कोसुई, सेंसेकी, अर्ली चाइना, कश्मीरी पीयर और डायने डायकोमिस आदि शामिल हैं. रवि सीजन में नाशपाती के साथ गेहूं, चना, आलू, मटर, आलू, प्याज, तिल, गेहूं, हल्दी, अदरक और सब्जियां लगा सकते हैं. उड़द, मूंग और रेपसीड जैसी फसलों की खेती तब तक की जा सकती है जब तक कि नाशपाती के बागान फल न दें.

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