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Google Layoffs : सुंदर पिचाई ने बताया आखिर क्यों करनी पड़ी इतने बड़े स्तर पर छंटनी

Google Layoffs : सुंदर पिचाई ने बताया आखिर क्यों करनी पड़ी इतने बड़े स्तर पर छंटनी

Google Layoffs : सुंदर पिचाई ने बताया आखिर क्यों करनी पड़ी इतने बड़े स्तर पर छंटनी
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By HINDICNBCTV18.COMJan 24, 2023 12:33:59 PM IST (Published)

दिग्गज टेक कंपनी Google ने हाल ही में करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लिया है. अब हाल ही में सुंदर पिचाई ने बताया कि आखिर क्यों उनकी कंपनी को लेकर इतने बड़े स्तर पर छंटनी करनी पड़ी है. सोमवार को Google की पेरेंट कंपनी Alphabet Inc के शेयरों में तेजी देखने को मिली है.

दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक (Alphabet Inc) ने हाल ही में 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की है. इस फैसले को लेकर कंपनी के CEO सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) ने कहा है कि इस वक्त कंपनी की ग्रोथ में गिरावट दर्ज की गई है. जिसको देखते हुए हमने अपने कर्मचारियों को हटाने का फैसला किया है. कंपनी का यह फैसला भविष्य में उसके लिए फायदेमंद होगा यानी उसकी ग्रोथ को बढ़ाने का काम करेगा. कंपनी की एक मीटिंग के दौरान सुंदर पिचाई ने कहा कि उन्होंने कंपनी के फाउंडर, बोर्ड मेंबर्स की सलाह पर यह निर्णय लिया है.
वर्क रिस्पॉन्स अच्छा रहे, ताकि ऐसा फैसला दोबारा न लेना पड़े
बातों ही बातों में सुंदर पिचाई ने अपने कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमारे कर्मचारी सही समय पर और सही दिशा में अच्छा परफॉर्मेंस नहीं दिया तो इस तरह का फैसला आगे भी लेने के लिए कंपनी मजबूर हो जाएगी. बता दें कि पिछले शुक्रवार को ही गूगल ने 6 प्रतिशत कर्मचारियों को बाहर निकालने का फैसला किया था. ताकि भविष्य में वह सबसे बड़ी टेक कंपनी बनकर उभर सके और जो कंपनी की ग्रोथ रूक गई है, उसे वापस पा सकें.
'किसी को भी उठाकर नौकरी से नहीं निकाला है'
सुंदर पिचाई ने आगे कहा कि कंपनी महीनों से इस बात पर विचार कर रही थी कि कितने कर्मचारियों को हटाया जाए ताकि हमारी ग्रोथ वापस मिल सके.छंटनी को लेकर कर्मचारियों के मन में कई तरह के सवाल होंगे, लेकिन यह कंपनी की ग्रोथ से जुड़ा मुद्दा है. हम नहीं चाहते थे कि कंपनी में यह छंटनी हो लेकिन हमें मजबूरन यह फैसला लेना पड़ा.
सुंदर पिचाई ने कहा कि अगर कोई एम्प्लॉई यह सोचता है कि यह छंटनी रैंडमली हुई है तो वह गलत है, क्योंकि हमने ऐसे ही किसी को भी उठाकर नौकरी से बाहर नहीं किया है. दरअसल, कर्मचारियों को जो भी बोनस मिलते हैं, वह कंपनी के परफॉर्मेंस पर मिलते हैं. यही कर्मचारियों को भी सोचना चाहिए. ताकि कंपनी का परफॉर्मेंस बना रहे. वैसे भी कंपनी के हाई पोजिशन पर बैठे लोगों के बोनस में भी कटौती देखने को मिली है.
गूगल वर्कफोर्स को कम करने का फैसला
गूगल चीफ पीपुल्स ऑफिसर, फियोना सिकोनी ने इस छंटनी को लेकर कहा कि उन्होंने पहले ही बहुत ज्यादा हायरिंग कर ली थी. उनके ऊपर वर्कफोर्स को कम करने का प्रेशर था. इसलिए हमें इस तरह का फैसला लेना पड़ा. उन्होंने जानकारी दी कि, कंपनी ने 30,000 तो सिर्फ मैनेजर ही काम कर रहे हैं. इस डिसीजन के पीछे का कारण है कि कंपनी का टेन्योर बढ़े और कंपनी ग्रोथ करे. कंपनी के साथ लंबे समय तक काम करने वाले एम्प्लॉइज को भी कंपनी कंसीडर करेगी.
महत्वपूर्ण प्रोडक्ट्स पर ही इनवेस्ट
वहीं, इस छंटनी को लेकर अल्फाबेट के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर Ruth Porat ने जोर देते हुए कहा कि छंटनी के पीछे उनकी मंशा यह है कि कंपनी अब उन्हीं प्रोडक्ट्स पर इनवेस्ट करे, जो काफी महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने एम्प्लॉईज से भी अच्छा परफॉर्मेंस देने को कहा है ताकि कंपनी की ग्रोथ बढ़ सके और लॉन्ग टर्म प्रॉफिट भी, जिसका फायदा कंपनी ही नहीं कर्मचारियों को भी मिलेगा.
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