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    Coal India, Hindustan Zinc और RCF में 5-10% हिस्सा बेच सकती है सरकार: रिपोर्ट

    Coal India, Hindustan Zinc और RCF में 5-10% हिस्सा बेच सकती है सरकार: रिपोर्ट

    Coal India, Hindustan Zinc और RCF में 5-10% हिस्सा बेच सकती है सरकार: रिपोर्ट
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    By CNBCTV18.COMNov 25, 2022 1:55:48 PM IST (Published)

    शेयर बाजार में मौजूदा तेजी को सरकार भुनाने की तैयारी में है. केंद्र सरकार चार सरकारी कंपनियों में OFS के जरिए 5-10% हिस्सा बेच सकती है. चालू कारोबारी साल में सरकार ने 65,000 करोड़ रुपए के विनिवेश का लक्ष्य रखा है.

    केंद्र तीन सरकारी कंपनियों में 5-10% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है. ये कंपनियां Coal India, Hindustan Zinc और RCF हैं. न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में बताया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयर बाजार की मौजूदा तेजी को देखते हुए सरकार ने इन कंपनियों में थोड़ी हिस्सेदारी कम करने का फैसला किया है. सरकार चाहती है कि चालू कारोबारी साल की अंतिम तिमाही तक कंपनी की आय में भी इजाफा हो सके.
    रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार इन कंपनियों में ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए हिस्सेदारी बेचेगी. मौजूदा समय में सरकार को इन कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर करीब 2 अरब डॉलर (करीब 16,500 करोड़ रुपए) का फायदा हो सकता है. इसी साल मई में मनीकंट्रोल ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि सरकार ने Hindustan Zinc में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी है.
    Hindustan Zinc में Vedanta की सबसे ज्यादा हिस्सा
    Hinustan Zinc में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी सरकार के पास थी. इसके पहले सरकार ने Hindustan Zinc में साल 2002 में 26% हिस्सा बेचा था. उस दौरान अनिल अग्रवाल की कंपनी Vedanta Group ने सरकार से ये हिस्सा खरीदा था. इसके बाद Vedanta ने आगे चलकर Hindustan Zinc में हिस्सेदारी बढ़ाकर 64.92% कर ली हैं.
    RCF और NFL में भी हिस्सा बेच सकती है सरकार
    इस बीच विनिवेश योजना के तहत सरकार चार कंपनियों - Coal India, NTPC, Hindustan Zinc और RCF में ऑफर-फॉर-सेल के जरिए हिस्सेदारी घटाने की तैयार में है. इसी महीने CNBC-TV18 ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी थी.
    कितना पूरा हुआ विनिवेश लक्ष्य?
    कुछ दूसरे मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो केंद्र सरकार राष्ट्रीय केमिकल्स फर्टिलाइजर (RCF) और नेशनल फर्टिलाइजर (NFL) में इस साल 10-12% हिस्सा बेच सकती है. साल 2023-24 के लिए सरकार ने 65,000 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा है. लेकिन मौजूदा कारोबारी साल में सरकार ने अभी तक विनिवेश के जरिए 24,000 करोड़ रुपए ही जुटाया है.

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