होमइकोनॉमीजानिए क्या होते हैं ग्रीन बॉन्ड, जिनके जरिए सरकार जुटाएगी 16000 करोड़ रुपये, आम आदमी को मिलेगा सीधा फायदा

जानिए क्या होते हैं ग्रीन बॉन्ड, जिनके जरिए सरकार जुटाएगी 16000 करोड़ रुपये, आम आदमी को मिलेगा सीधा फायदा

जानिए क्या होते हैं ग्रीन बॉन्ड, जिनके जरिए सरकार जुटाएगी 16000 करोड़ रुपये, आम आदमी को मिलेगा सीधा फायदा
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By HINDICNBCTV18.COMJan 6, 2023 5:28:57 PM IST (Updated)

Sovereign Green Bonds in India in Hindi : 25 जनवरी 2023 को 8000 करोड़ रुपए के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड जारी होंगे. इसमें 4000 करोड़ वाले ग्रीन बॉन्ड 5 साल के लिए और दूसरे 4000 करोड़ रुपए वाले सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड 10 साल के लिए जारी किए जाएंगे.

पहले आपको बताते हैं कि बॉन्ड के बारे में जानकारी देते है. आमतौर पर सरकार या फिर कोई कंपनी या सरकारी संस्था को जब पैसों की जरुरत होती है. तो वो बॉन्ड जारी करते हैं. इन बॉन्ड्स पर कितना ब्याज मिलेगा पहले से तय कर दिया जाता है. जी हां, निवेशकों को एक फिक्स्ड ब्याज दिया जाएगा. अब बात ग्रीन बॉन्ड करते हैं. ग्रीन बॉन्ड एक तरह का फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट है, जिसके जरिए पर्यावरण फ्रेंडली प्रोजेक्ट्स के लिए रकम इकट्ठी की जाती है. करीब 15 साल पहले ही ग्रीन बॉन्ड के जरिए फंड जुटाने का चलन शुरू हुआ है. पर्यावरण को लेकर बढ़ती चिंता के बीच साल 2007 के दौरान स्वीडेन के पेंशन फंड्स का एक ग्रुप ग्रीन प्रोजेक्ट में निवेश करना चाहते थे, उसी दौरान उन्होंने ग्रीन बॉन्ड की शुरुआत की थी. इसके बाद कई देशों ने इसे अपनाया.

सेफ इन्वेस्टमेंट हैं ये बॉन्ड्स- एसेट लिंक होने के कारण इन बॉन्ड को सुरक्षित माना जाता है. निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इस पर सरकार की ओर से टैक्स छूट और टैक्स क्रेडिट भी दिया जाता है.
ग्रीन बॉन्ड 9 कैटेगिरी में शामिल है. इनमें से कुछ अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा कुशलता, स्वच्छ परिवहन, ग्रीन बिल्डिंग जैसे प्रोजेक्ट्स है.
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