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50 साल के होने से पहले होना चाहते हैं फाइनेंशियली आज़ाद, बस करें ये 6 आसान से काम

50 साल के होने से पहले होना चाहते हैं फाइनेंशियली आज़ाद, बस करें ये 6 आसान से काम

50 साल के होने से पहले होना चाहते हैं फाइनेंशियली आज़ाद, बस करें ये 6 आसान से काम
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By HINDICNBCTV18.COMJan 24, 2023 7:49:14 AM IST (Published)

बहुत से लोगों की फाइनेंशियली आज़ाद होने की ख्वाहिश होती है. लेकिन फाइनेंशियली आज़ादी क्या होती है? आसान शब्दों में कहा जाए तो यह वह स्थिति है जिसमें आपको अब पैसा कमाने के लिए काम नहीं करना पड़ता है.

आदिल शेट्टी, CEO, बैंकबाज़ार डॉट कॉम
बहुत से लोगों की फाइनेंशियली आज़ाद होने की ख्वाहिश होती है. लेकिन फाइनेंशियली आज़ादी क्या होती है? आसान शब्दों में कहा जाए तो यह वह स्थिति है जिसमें आपको अब पैसा कमाने के लिए काम नहीं करना पड़ता है. इसकी बजाए आपका पैसा आपको अपनी ज़रूरतों को पूरा करने, जीवन शैली को बनाए रखने और फाइनेंशियली सुरक्षित बने रहने के लिए आय प्रदान करता है. हालांकि यह एक सपना लग सकता है, लेकिन समय पर की गई प्लानिंग तथा कड़े फाइनेंशियली अनुशासन से इस सपने को प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है. ऐसा आपके 50 वर्ष तक की आयु तक पहुंचने से पहले हो सकता है. फाइनेंशियली आज़ादी की अपनी यात्रा को शुरू करने के लिए यहां पर एक गाइड दी गई है. समझने में आसानी के लिए इस गाइड में उदाहरणों में एक सैलरी पाने वाले निवेशक की कल्पना की गई है जिसकी आयु 25 वर्ष है, और जिसकी मासिक आमदनी 40,000/- रूपये महीना है.
अपनी मासिक आमदानी के एक हिस्से की बचत करें
फाइनेंशियली आज़ादी के लिए बचत बहुत ज़रूरी होती हैं. इस उद्देश्य से अपनी मासिक आमदनी के एक हिस्से की बचत करने का लक्ष्य तय करें और शेष राशि को अपने खर्चों के लिए इस्तेमाल करें. उदाहरण के लिए अपने खर्चों का अंदाज लगाएं तथा 40,000/- रूपये महीने की अपनी मासिक आमदनी में से 20% की बचत करने की कोशिश करें, जो 8,000/- रूपये महीने की बचत होगी.
अपनी बचत को इक्विटी -ओरिऐन्टेड इंस्ट्रुमेंट्स में निवेश करें
अपनी बचत को बचत खाते में बने रहने देने से, आप उन लाभों को खो देंगे जो आप उस राशि का निवेश करने पर प्राप्त कर सकते थे. 20 से 30 वर्ष की आयु के दौरान, अपनी ज्यादातर सेविंग को इक्विटी-ओरिऐन्टेड इंस्ट्रुमेंट में सेव करने का लक्ष्य तय करें, जैसे स्टॉक तथा डायवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम आदि, जिनसे परम्परागत निम्न-जोखिम इंस्ट्रुमेंट्स की तुलना में उच्चतर रिटर्न मिलता है.
उदाहरण के लिए आपकी 40,000/- रूपये की मासिक आय में से 20% की सेविंग करने से आपको 8,000/- रूपये मिलेंगे. इस सेविंग में से 80% हिस्से अर्थात 6,400/- रूपये को इक्विटी आधारित इंस्ट्रुमेंट में सेव करने पर विचार करें.
वार्षिक टॉप-अप्स के साथ एसआईपी के ज़रिए से निवेश करें
वैल्थ क्रिएशन के लिए इस बात की बहुत अधिक सिफारिश की जाती है कि इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के ज़रिए निवेश करें. वैल्थ क्रिएशन के लिए दीर्घकालिक प्लानिंग की ज़रूरत होती है, जिसके लिए एसआईपी आदर्श होते हैं. एसआईपी के जरिए निवेश करते समय, 10% वार्षिक से अपनी एसआईपी की राशि को टॉप-अप करने की कोशिश करें या ऐसा अपने वेतन में इंक्रीमेंट के अनुपात में करें. उदाहरण के लिए यदि, पहले वर्ष आपकी एसआईपी 12,800/- रूपये है, तो दूसरे वर्ष 10% वार्षिक टॉप-अप से यह राशि बढ़ कर 14,080/- रूपये हो जाएगी और तीसरे वर्ष बढ़ कर 15,488/- रूपये हो जाएगी, और यह चक्र चलता रहेगा.
इंक्रीमेंटल एसआईपी निवेश पर कंपाउंडिंग के प्रभाव से आपकी निवेश वैल्यू में बहुत अधिक बढ़ोतरी होगी. उदाहरण के लिए, 12,800/- रूपये की एसआईपी पर 25 वर्षों के लिए 10% वार्षिक टॉप-अप पर 15% सीएजीआर के साथ यह राशि बढ़ कर 7.33 करोड़ रूपये हो जाएगी, जिसमें कुल निवेश की वैल्यू 1.51 करोड़ रूपये होगी.
शेष बचत का आवंटन डेट इंवेस्टमेंट्स या इमरजेंसी फंड में करें
अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करने के लिए अपनी कुछ बचत का निवेश डेट इंस्ट्रुमेंट्स में करें जैसे पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) तथा डेट म्यूचुअल फंड स्कीम. उन पर पूर्वानुमान लगाए जा सकने वाले रिटर्न मिलते हैं, और इस प्रकार आपका पोर्टफोलियो स्थिर रहता है. साथ ही अपनी बचत में से एक हिस्से का निवेश इमरजेंसी फंड में करने पर विचार करें, जो आदर्श रूप से 9 महीनों के खर्चों को कवर करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए. आपातकालीन पूंजी को लिक्विड इंस्ट्रुमेंट्स में बनाए रखा जा सकता है, जैसे सेविंग अकाउंट या लिक्विड फंड, ताकि शीघ्रता से उसे एक्सेस किया जा सके.
पर्याप्त बीमा करवाएं
हालांकि फाइनेंशियली आजादी के लिए निवेश बहुत ही ज़रूरी है, लेकिन ऐसा आपके या आपके परिवार की भलाई की लागत पर नहीं किया जाना चाहिए. पर्याप्त स्वास्थ्य और जीवन बीमा कवरेज के बिना आपातस्थितियां और कन्टीन्जेंसीज़ (आकस्मिक व्यय) से आपकी फाइनेंशियली स्थिरता नष्ट हो सकती है.
स्वास्थ्य बीमा के लिए अपने स्वास्थ्य, आपके परिवार के चिकित्सा इतिहास (मेडिकल हिस्ट्री) तथा अपनी आमदनी के आधार पर उपयुक्त कवरेज का निर्णय करें. अपने परिवार की फाइनेंशियली सिक्योरिटी को पक्का करने के लिए तथा संकट के समय पैसे की उपलब्धता को तय करने के लिए, कम से कम 1 करोड़ रूपये का जीवन बीमा प्राप्त करने पर विचार करें.
6. जब आप 50 वर्ष के हो जाएं तो सिस्टेमैटिक विथड्रावल प्लान (एसडब्ल्यूपी) का उपयोग करें
जैसे-जैसे आपकी आयु 50 वर्ष के आसपास पहुंचती है, तो लक्ष्य यह होना चाहिए कि अब तक आपने जो वैल्थ जमा की है, उससे आमदनी का ज़रिया बनाना शुरू करें. यह समय नए निवेश करने के बजाय स्ट्रेटजी के तौर पर अपने निवेश की रिस्ट्रक्चरिंग पर ध्यान देने का है.
इस उद्देश्य से, नए निवेश को रोक दें तथा धीरे-धीरे अपने मौजूदा निवेश को कम जोखिम वाले निवेश में स्विच करना शुरू करें, जैसे बैलेंस्ड एडवेंटेज फंड, जिनसे आपको मार्केट साइकल से अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने में सहायता मिलेगी. इसके बाद, निवेश को स्विच करने के लिए 10% के वार्षिक इंक्रीमेंट के साथ सिस्टेमैटिक विथड्रावल प्लान (एसडब्ल्यूपी) फीचर का इस्तेमाल करें.
फाइनेंशियली आज़ादी कोई ऐसा सपना नहीं है जिसे प्राप्त नहीं किया जा सकता है, बल्कि ऐसा करना आपके लिए संभव है. इसको प्राप्त करने के लिए सबसे ज़रूरी बात यह है कि समय रहते इस बात को समझ लिया जाए, एडवांस प्लानिंग की जाए तथा कड़ा फाइनेंशियली अनुशासन अपनाया जाए। समय पर, लगातार योगदान करने से आप एक अच्छी खासी पूंजी जुटा सकते हैं, जैसे बूंद-बूंद से घड़ा भरता है.

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