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Budget 2023: सुकन्या योजना को लेकर मिल सकता है खास तोहफा, सभी को बीमा कवर देने के लिए भी ऐलान संभव

Budget 2023: सुकन्या योजना को लेकर मिल सकता है खास तोहफा, सभी को बीमा कवर देने के लिए भी ऐलान संभव

Budget 2023: सुकन्या योजना को लेकर मिल सकता है खास तोहफा, सभी को बीमा कवर देने के लिए भी ऐलान संभव
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By HINDICNBCTV18.COMJan 25, 2023 7:10:51 AM IST (Published)

इस बजट में ऐसे लोगों के लिए खास मौकों का ऐलान हो सकता है जो किसी वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सके हैं. इन योजनाओं में सुकन्या समृद्धि और स्वास्थ्य बीमा कवर शामिल हैं

अगर आप किसी वजह से देश की सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली सरकारी निवेश योजना यानि सुकन्या समृद्धि  में निवेश नहीं कर सकें हैं तो इस बजट में सरकार आपको इसके लिए एक मौका दे सकती है. सीएनबीसी TV 18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार के बजट मे सरकार किसी भी वजह से सरकारी योजनाओं का फायदा पाने से छूट गए लोगों के लिए खास कदम उठा सकती है.  इसमें सुकन्या समृद्धि और लोगों को बीमा कवर देने जैसी योजनाएं शामिल की गई हैं.
क्या हो सकते हैं बजट में ऐलान
सूत्रों के मुताबिक सुकन्या समृद्धि योजना का दायरा बढ़ाने के लिए सरकार बजट में ऐसे सभी लोगों के लिए एक मौका दे सकती है जो किसी भी वजह से इस योजना का फायदा नहीं ले सके हैं. इसके साथ ही बजट में ऐसे लोगों के लिए भी ऐलान हो सकते हैं जिन्हें अभी तक न तो आयुष्मान भारत और न ही निजी क्षेत्र के हेल्थ इंश्योरेंस का फायदा मिल रहा है.  इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को सेविंग्स पर ब्याज आय में राहत भी मिल सकती है.   सूत्रों के मुताबिक फिलहाल सरकार ये तय कर रही है कि वरिष्ठ नागरिकों के द्वारा जमा पर मिलने वाली आय पर राहत किस प्रकार दी जाए. इसमें टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है.
क्यों मिल सकती है सुकन्या में राहत
सुकन्या समृद्धि योजना में राहत देने की मुख्य वजह ये है कि इस योजना में निवेश की शुरुआत करने के लिए एक निश्चित उम्र सीमा है. कई वजहों से लोग बेटी के लिए तय इस उम्र सीमा के अंदर निवेश शुरू नहीं कर पाते. ऐसे लोगों को ऊंची ब्याज दर का फायदा देने और बेटियों के लिए बचत को प्रोत्साहित करने की दिशा सरकार राहत का कदम उठा सकती है.
क्यों हो रही बीमा कवर के लिए योजना की बात
नीति आयोग ने पिछले साल एक रिपोर्ट के जरिए मिसिंग मिडिल की सोच सामने रखी थी. नीति आयोग के मुताबिक देश 50 प्रतिशत लोगों के लिए आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं काम कर रही हैं.  वहीं निजी क्षेत्रों के द्वारा ऑफर की जा रहीं योजनाओं का खर्च देश के 20 प्रतिशत लोग ही उठा पा रहे है, ऐसे में आशंका है कि देश के 30 प्रतिशत लोगों के पास न तो सरकारी योजनाएं हैं और न ही वो पैसे चुकाकर हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ ले पा रहे हैं. इन लोगों को ही मिसिंग मिडिल कहा गया है. संभावना है कि इस बजट में इन लोगों के लिए ऐलान हो सकता है.

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