होमपर्सनल फाइनेंसनए निवेशकों को कौन सी म्यूचुअल फंड कैटेगरी चुननी चाहिए? ये कैसे पता चलेगा? जानिए जवाब

नए निवेशकों को कौन सी म्यूचुअल फंड कैटेगरी चुननी चाहिए? ये कैसे पता चलेगा? जानिए जवाब

नए निवेशकों को कौन सी म्यूचुअल फंड कैटेगरी चुननी चाहिए? ये कैसे पता चलेगा? जानिए जवाब
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By HINDICNBCTV18.COMJan 30, 2023 1:05:56 PM IST (Updated)

अक्सर नौसिखिये निवेशक यानी नये निवेशक के लिए सबसे बड़ा सवाल ये होता है कि उनके लिए निवेश के लिए सबसे बेहतर विकल्प क्या होता है. म्युचुअल फंड अनुभवहीन निवेशकों को पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन के साथ अलग-अलग फंड्स में से चुनने का विकल्प प्रदान करते है.

कोई भी व्यक्ति जब पहली बार निवेश करने पर विचार करता है तो अक्सर उनकी इच्छा कम रिस्क पर ज्यादा रिटर्न प्राप्त करने की होती है. निवेश के दौरान रिटर्न की इच्छा के साथ-साथ रिस्क के बारे में भी जानना बेहद जरूरी है. निवेश करते समय एक निवेशक को पता होना चाहिए कि वह कितना रिस्क लेने के लिए तैयार है.

फाइनेंशियल लक्ष्यों, बजट, जोखिम सहन करने की क्षमता और समय का पर्सनल फाइनेंस के लिए निवेश शुरू करने के तरीके पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है. इसलिए जब नौसिखियों यानि कि नए निवेशकों की बात आती है तो म्युचुअल फंड अक्सर उपयुक्त विकल्प माने जाते हैं. म्युचुअल फंड अनुभवहीन निवेशकों को पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन के साथ अलग-अलग फंड्स में से चुनने का विकल्प प्रदान करते है.
एक स्कील्ड फंड मैनेजर उन शेयरों के पूल में पैसा लगाता है, जिन पर अच्छी तरह से रिसर्च किया जाता है. मैनेजर का लक्ष्य जोखिमों को कम करते हुए एक निवेशक के लिए ज्यादा रिटर्न उत्पन्न करना होता है. पहली बार निवेश करने वाले निवेशक जो छोटी शुरुआत करना चाहते हैं, वे छोटी राशि का निवेश करना भी चुन सकते हैं और SIP के जरिये निवेश कर सकते हैं. इससे निवेशकों को लॉन्ग टर्म में अपने रिटर्न का औसत निकालने में मदद मिलती है.
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