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Business Idea: गुलदाउदी की मांग हुई दोगुनी, वैलेंटाइन-डे पर मोटी कमाई का मौका

Business Idea: गुलदाउदी की मांग हुई दोगुनी, वैलेंटाइन-डे पर मोटी कमाई का मौका
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By Local 18  Feb 6, 2023 8:04:36 PM IST (Updated)

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SUMMARY

Business Idea: गुलदाउदी के फूल की कीमत, जहां किसानों को अन्य वर्षों में 1 से 2 टका मिलती थी, इस साल उस कीमत से औसतन पांच टका अधिक हो गई है. किसानों का मुनाफा बढ़ा है.

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पूर्वी मेदिनीपुर जिले का पंशकुरा प्रखंड फूलों की खेती के लिए प्रसिद्ध है. वर्ष के लगभग सभी समय के अलावा, इस सर्दी के दौरान पंशकुरा के विशाल क्षेत्र में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार के फूलों की खेती की जाती है. जब फूल खिलते हैं, तो फूल उगाने वाले पंशकुरा में चावल खिलते हैं. पंशकुरा में गुलदाउदी गडियोलस सहित सर्दियों के फूलों की एक विस्तृत विविधता की खेती की जाती है.

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पंशकुरा में गुलदाउदी की खेती लाभदायक होने के कारण फूल उत्पादक गुलदाउदी की खेती करते हैं. लेकिन लगातार दो साल कोरोना की वजह से फूलों की खेती को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा. लेकिन अब इसकी भरपाई हो गई है. दिल्ली मुंबई महाराष्ट्र पुणे अहमदाबाद सहित भारत के विभिन्न हिस्सों के बाजारों में गुलदाउदी की काफी मांग है. इस मांग के चलते एक गुलदाउदी के फूल की कीमत, जहां किसानों को अन्य वर्षों में 1 से 2 टका मिलती थी, इस साल उस कीमत से औसतन पांच टका अधिक हो गई है. किसानों का मुनाफा बढ़ा है.

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पंशकुरा के विभिन्न फूल उत्पादकों ने कहा कि एक भूखंड पर गुलदाउदी की खेती करने में लगभग 5 हजार टका का खर्च आता है. अन्य वर्षों में एक कट्ठा जमीन से फूलों की खेती कर 8 से 10 हजार टका की कमाई की जाती थी. वहीं, इस साल एक खाते जमीन पर गुलदाउदी की खेती कर करीब 40 से 45 हजार टका की आमदनी हो जाती है.

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इस साल की फूलों की खेती ने लगातार दो साल तक फूलों की खेती करके वित्तीय नुकसान की भरपाई की है. किसानों को उम्मीद है कि 14 फरवरी से यह कीमत और बढ़ेगी. गुलदाउदी के एक टुकड़े की कीमत करीब 7 रुपये होगी. सर्दियों के फूलों की यह खेती लाभदायक होने के कारण, कई सीमांत किसानों के पास अपनी जमीन नहीं होती है, लेकिन वे फूलों की खेती के लिए जमीन के मालिक से जमीन लीज पर लेते हैं.

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फूलों का बाजार मूल्य अच्छा होने पर लाभ का आंकड़ा बढ़ जाता है. फूलों का बाजार शुरू से अच्छा रहा तो किसान घर ला पाए मुनाफा पंशकुरा नगर पालिका के वार्ड नंबर 18 के भवानीपुर गांव के एक किसान को पता है कि वह पिछले 20-30 साल से फूलों की खेती कर रहा है. लेकिन इस साल की तरह गुलदाउदी की प्रति पीस कीमत कभी भी दो रुपए से ज्यादा नहीं हुई. इस साल अब 5 रुपए मिल रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि 14 फरवरी से थोक बाजार में यह कीमत 6 से बढ़कर 7 रुपये हो जाएगी.

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पुष्पों से पंशकुरा की पहचान है. फूल से किसान के घर में गमले में चावल उगते हैं. इस साल फूल सीजन की शुरुआत से ही फूलों की कीमत अच्छी रही है तो पंशकुरा के फूल उत्पादकों के घरों में खुशी की लहर दौड़ गई है.

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