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अब इस नए तरीके से खीरा उगा रहे हैं किसान, पहले से भी ज्यादा हो रहा है मुनाफा

अब इस नए तरीके से खीरा उगा रहे हैं किसान, पहले से भी ज्यादा हो रहा है मुनाफा
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By Local 18  Mar 17, 2023 11:50:32 AM IST (Published)

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SUMMARY

Cucumber : हमारे देश में खीरे की भारी मांग है. बाजार में खीरे के भाव भी अच्छे हैं. खीरे का इस्तेमाल मुख्य रूप से खाने में सलाद के रूप में किया जाता है.

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Cucumber : खीरे की खेती एक लाभदायक सौदा है. समय बदलने के साथ खेती के तरीके भी बदल रहे हैं. मूल रूप से चीन और जापान से, विषाक्त पदार्थों के बिना सब्जियां उगाने की एक पर्यावरण-अनुकूल विधि को सिल्ट मल्चिंग कहा जाता है.

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खीरे के बीज बोने का यह सबसे अच्छा समय है. फरवरी से मार्च तक. इस समय खीरे के बीज बोने से अच्छी उपज मिलती है. किसानों को पारंपरिक तरीकों का पालन करने से खेती में लाभ नहीं दिख रहा था.

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पॉलीमल्चिंग विधि के बारे में किसानों को ज्यादा जानकारी नहीं थी. इसलिए कृषि विभाग की सलाह को शुरुआत में ज्यादा तवज्जो नहीं मिली. पौधों की जड़ों, सब्जियों के खेतों को मिट्टी पर हल्के पॉलीथीन सामग्री से ढक कर खेती करने को एक विशेष विधि कहा जाता है या तो सिल्ट मल्चिंग विधि.

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बशीरहाट-2 प्रखंड कृषि विभाग सिल्ट मल्चिंग विधि से ककड़ी की खेती कर किसानों को मुनाफे की दिशा दिखा रहा है. बशीरहाट के जगतपुर में सिल्ट मल्चिंग विधि से खीरे की खेती की जा रही है.

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गाद मल्चिंग प्रणाली से खेती करने से खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई की बड़ी लागत समाप्त हो जाती है. मिट्टी में जल-संरक्षण के कारण सिंचाई लागत कम होती है.

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कीट और रोग कम होते हैं. इसके अलावा अगर आप सही तरीके से खेती करते हैं तो सामान्य खेती की तुलना में मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है.

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उत्तर 24 परगना के बशीरहाट जिले के जगतपुर के किसानों ने कहा, अन्य जबकि हम पारंपरिक खेती में रहते थे, कृषि विभाग की मदद से खेती की इस पद्धति से कम लागत और बेहतर उपज हो रही है.

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बशीरहाट द्वितीय ब्लॉक के सहायक कृषि निदेशक राजू मंडल ने बताया कि आत्मा परियोजना के माध्यम से बशीरहाट द्वितीय ब्लॉक के किसानों को विभिन्न उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण देकर खेती में मदद की जा रही है. इससे किसानों को फायदा होगा.

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