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किस-किस काम आता है भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, अब कैसे ये 2 साल के निचले स्तर पर आया

किस-किस काम आता है भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, अब कैसे ये 2 साल के निचले स्तर पर आया

किस-किस काम आता है भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, अब कैसे ये 2 साल के निचले स्तर पर आया
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By HINDICNBCTV18.COMOct 29, 2022 4:20:11 PM IST (Updated)

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SUMMARY

Foreign reserves affect the India economy: चीन के पास सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार है, जिसके बाद जापान और स्विट्जरलैंड आते हैं. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि विदेशी भंडार अच्छा होने से विदेशी निवेशकों और क्रेडिट रेटिंग कंपनियों को यह भरोसा रहता है कि देश की आर्थिक नीतिया काफी बेहतर है. इससे करेंसी में भी मजबूती आती है.

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(1) देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का रुख बरकरार है. 21 अक्टूबर को समाप्त हफ्ते में यह 3.847 अरब डॉलर घटकर 524.52 अरब डॉलर पर आ गया. यह विदेशी मुद्रा भंडार का दो साल का न्यूनतम स्तर है.  इससे पहले वाले हफ्ते में भंडार 4.50 बिलियन अमेरिकी डॉलर गिरकर भंडार घटकर 528.37 बिलियन अमेरिकी 524.52 डॉलर पर आ गया था. इसमें कई महीने से कमी आ रही है. आपको बता दें कि अक्टूबर 2021 में, देश की विदेशी मुद्रा 645 बिलियन अमेरिकी डालर के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया था.

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(2) विदेशी मुद्रा भंडार का क्या होता है? चीन के पास सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार है, जिसके बाद जापान और स्विट्जरलैंड आते हैं. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि विदेशी भंडार अच्छा होने से विदेशी निवेशकों और क्रेडिट रेटिंग कंपनियों को यह भरोसा रहता है कि देश की आर्थिक नीतिया काफी बेहतर है. इससे करेंसी में भी मजबूती आती है.

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(3) विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश के केंद्रीय बैंक में रखी गई रकम या अन्य परिसंपत्तियां होती हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर वह अपने कर्ज और खर्चों का भुगतान इसके जरिए किया जा सकें. विदेशी मुद्रा भंडार को एक या एक से अधिक करेंसी में रखा जाता है. ज्यादातर डॉलर और कुछ हद तक यूरो में विदेशी मुद्रा भंडार रखा जाता है. कुल मिलाकर विदेशी मुद्रा भंडार में केवल विदेशी बैंक नोट, विदेशी बैंक जमा, विदेशी ट्रेजरी बिल और शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म विदेशी सरकारी बॉन्ड्स शामिल होनी चाहिए. हालांकि, सोने के भंडार, एसडीआर, और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा राशि भी विदेशी मुद्रा भंडार का हिस्सा होता हैं.

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(4) भारत का विदेशी विदेशी मुद्रा भंडार? आरबीआई एक्ट 1934 विदेशी मुद्रा भंडार को रखने का कानूनी ढांचा प्रदान करता है. देश का 64 फीसदी विदेशी मुद्रा भंडार विदेशों में ट्रेजरी बिल आदि के रूप में होता है. यह मुख्य रूप से अमेरिका में रखा होता है.

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(5) आरबीआई के डाटा के मुताबिक, मौजूदा समय में 28 फीसदी विदेशी मुद्रा भंडार दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक और 7.4% कमर्शियल बैंक में रखा है.मार्च 2020 में विदेशी मुद्रा भंडार में 653.01 टन सोना था. इसमें से 360.71 टन सोना विदेश में बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स की सुरक्षित निगरानी में रखा है. बचा हुआ सोना देश में ही रखा है.डॉलर की वैल्यू में विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2019 के 6.14 फीसदी से बढ़कर मार्च 2020 में 6.40% पर पहुंच गई है.

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