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ब्रांडेड कपड़े का बिजनेस करने वाली इस बड़ी कंपनी को हुआ घाटा, आखिर क्या रही वजह?

ब्रांडेड कपड़े का बिजनेस करने वाली इस बड़ी कंपनी को हुआ घाटा, आखिर क्या रही वजह?

ब्रांडेड कपड़े का बिजनेस करने वाली इस बड़ी कंपनी को हुआ घाटा, आखिर क्या रही वजह?
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By Ashutosh Verma  Jan 25, 2023 1:28:40 PM IST (Published)

Arvind Share Price : अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान टेक्सटाइल और अपैरल कारोबार में कमजोरी की वजह से Arvind कंपनी के नतीजे कमजोर रहे हैं. पिछले साल दिसंबर तिमाही के मुकाबले कंपनी की आय, मुनाफा और मार्जिन पर भी दबाव देखने को मिली है.

Arrow, Tommy Hilfiger, Flying Machin और Sephora जैसे ब्रांड्स का काम करने वाली कंपनी Arvind ने आज अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए है. तीसरी तिमाही में कंपनी की सालाना आधार पर आय 2270 करोड़ रुपये से घटकर 1980 करोड़ रुपये रही है. सालाना आधार पर इसमें 13% की गिरावट आई है. मुनाफे की बात करें तो पिछले साल की सामान अवधि में 94 करोड़ रुपये के मुकाबले यह 87 करोड़ रुपये रहा है.
कामकाजी मुनाफे (EBITDA) की बात करें तो यह भी सालाना आधार पर 241 करोड़ रुपये से घटकर 186 करोड़ रुपये पर है. साल-दर-साल हिसाब से इसमें करीब 23% की गिरावट आई हैं. वहीं, मार्जिन की बात करें तो यह भी 10.6% से घटकर 9.4% पर रही है.
वुवेन और AMD कारोबार से कंपनी की आय में इजाफा हुआ है. वहीं डेनिम समेत दूसरे सेगमेंट के कारोबार से आय में कमी आई है. डेनिम वॉल्यूम में गिरावट रही, जबकि गार्मेंट वॉल्यूम पर दिसंबर तिमाही के दौरान दबाव देखने को मिला. टेक्सटाइल कारोबार के मार्जिन की बात करें तो इस पर 90 bps का दबाव रहा है. कंपनी ने इस तिमाही के दौरान कुल कर्ज को करीब 215 करोड़ रुपये तक कम किया है.
डेनिम कारोबार -
तीसरी तिमाही के दौरान डेनिम कारोबार का वॉल्यूम करीब 12-12M मिलियन रहा है. कॉटन की कीमतों में तेजी की वजह से रियलाइजेशन में डाउनट्रेंड देखने को मिला.
वुवेन और गार्मेंट कारोबार - तीसरी तिमाही में वॉल्यूम में गिरावट देखने को मिली हैं. गार्मेंट कारोबार के लिए तीसरी तिमाही में वॉल्यूम करीब 79 लाख पीस रहा है
वॉल्यूम में गिरावट क्यों?
1. नवंबर महीने में US मार्केट में कंज्यूमर कॉन्फिडेंस में कमजोरी जारी रही. हालांकि, दिसंबर में इसमें कुछ हद तक सुधार हुआ. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की वजह से इसमें सुधार देखने को मिला.
2. अधिकतर ब्रांड्स की ओर से अक्टूबर-दिसंबर के दौरान कमेंट्री में नतीजे बेहतर रहने का अनुमान था, लेकिन आउटलुक में सुस्ती की आशंका थी.
3. एक्सपोर्ट करने वाले अधिकतर ग्राहकों ने अपनी खरीदारी का टालने का फैसला किया है.
4. घरेलू बाजार में डिमांड में कमजोरी देखने रही है.
चौथी तिमाही के लिए आउटलुक क्या है?
  • आगली तिमाही में आउटलुक को लेकर कंपनी ने कहा है कि एक्सपोर्ट मार्केट में उम्मीद से कम सुस्ती दिख रही है. हालांकि, होलसेल खरीदारी में अभी रफ्तार आना बाकी है. अमेरिका और यूरोपीय बाजार में मैक्रो स्थिति में कुछ हद तक सुधार देखने को मिल रहा है. हालांकि, अमेरिका में महंगाई, रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन में री-ओपनिंग को लेकर सतर्कता का नजरिया है. प्रमुख एक्सपोर्टर्स अभी भी अनिश्चितता को देखते हुए खरीदारी को टाल रहे हैं.
  • घरेलू बाजार में टेक्सटाइल और अपैरल सेगमेंट के कारोबार में डिमांड बढ़ने की उम्मीद है. कंपनी का कहना है की तीसरी तिमाही में सुस्ती के बाद अब डिमांड में सुधार देखने को मिल सकता है.
  • कंपनी के लिए इनपुट खर्च कम हुआ है लेकिन बीते कुछ समय में इसमें उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिल रहा है. तीसरी तिमाही के मुकाबले चौथी तिमाही में कॉटन की कीमतों में सुधार की उम्मीद है. आगे आने वाली तिमाहियों के लिए टेक्सटाइल कारोबार के वॉल्यूम में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
  • कंपनी को कारोबारी साल 2023 तक कुल कर्ज में करीब 300 करोड़ रुपये की कमी आने की उम्मीद है.
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