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Gold vs Sensex : रिटर्न की रेस में सेंसेक्स से आगे सोना, जानिए अब कहां मिलेगा कमाई का मौका

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Gold vs Sensex : रिटर्न की रेस में सेंसेक्स से आगे सोना, जानिए अब कहां मिलेगा कमाई का मौका

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Gold Vs Sensex : बीते एक साल में रिटर्न की रेस में गोल्ड ने सेंसेक्स को बहुत पीछे छोड़ दिया है. वहीं, पिछले 5 साल के रिटर्न पर भी नज़र डालें तो सोने ने 13 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. जबकि सेंसेक्स ने 12 फीसदी का रिटर्न दिया है.

नए साल में सोने की चमक तेजी से बढ़ रही है. रिटर्न के मामले में गोल्ड ने सेंसेक्स को बहुत पीछे छोड़ दिया है. एक साल में सेसेंक्स ने महज 4.4 फीसदी का रिटर्न दिया है. जबकि, गोल्ड ने करीब 14 फीसदी का बंपर रिटर्न निवेशकों को दिया है. एक्सपर्ट्स आगे भी तेजी की उम्मीद लगा रहे हैं. उनका कहना है कि रूस और यूक्रेन वॉर के बाद ज्यादातर देश ये मानने लगे हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा सोना ही हैं. क्योंकि, आगे कहीं और जंग छिड़ी तो ऐसे में उस देश की करेंसी जीरो हो जाएगी. लिहाजा सोना ही बेस्ट ऑप्शन है.
रिटर्न की रेस में पीछे छूटा सेंसेक्स- 
बीते एक साल को छोड़ भी दें तो 5 साल में भी सेंसेक्स रिटर्न के मामले में काफी पीछे हैं. इस दौरान सेंसेक्स ने 12.3 फीसदी का रिटर्न दिया हैं. वहीं, गोल्ड ने 13.3 फीसदी का रिटर्न दिया है.
अब आगे क्या? एक्सपर्ट्स इस साल सोने में तेजी की उम्मीद लगा रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें 4000 डॉलर प्रति औंस तक जाने की बातें हो रही है.मार्केट एक्सपर्ट दलजीत सिंह कोहली का कहना हैं कि इस साल गोल्ड खरीदा जा सकता है. क्योंकि टेक्निकल चार्ट्स पर ये बहुत आकर्षक नज़र आ रहा है.
उन्होंने बताया कि अक्सर हम लोगों को गोल्ड नहीं खरीदने की सलाह देते हैं क्योंकि उस पर डिविडेंड नहीं मिलता. दूसरा उसका चोरी होने का डर रहता है. तीसरा उसे लॉकर में रखने पर पैसे चुकाने होते है.
लेकिन अब कई ऐसे ऑप्शन आ गए है. जिनके जरिए आप गोल्ड में पैसा लगा सकते हैं.
इस साल सोने में तेजी की उम्मीद है. लिहाजा लंबी अवधी के लिए गोल्ड में पैसा लगाया जा सकता है.
वहीं, हालिया रिपोर्ट्स में शेयर बाजार को लेकर कई चिंताएं समाने आई है. रिपोर्ट्स में बताया गया हैं कि आर्थिक मंदी की दहलीज पर दुनिया खड़ी है. कंपनियों ने छंटनी करनी शुरू कर दी है. हालांकि, भारत में स्थिति उतनी खराब नहीं है. लंबी अवधी के लिए पैसा लगाया जा सकता है.
स्विस ब्रोकरेज फर्म यूबीएस सिक्योरिटीज ने शेयरों में परिवारों के निवेश में गिरावट आने, विदेशी पूंजी की निकासी जारी रहने और बढ़ती बैंक ब्याज दरों को देखते हुए निफ्टी के लिए इस साल का लक्ष्य घटाते हुए 18,000 कर दिया है.
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि दिसंबर  2023 में निफ्टी का ऊपरी स्तर 19700 जबकि निचला स्तर 15800 अंक का रह सकता है.
निफ्टी के 18,000 के स्तर पर रहने अनुमान है. ICICI Securities का अनुमान है कि इस साल विदेशी निवेशकों की भारीदारी बढ़ेगी और बाजार में नया रिकॉर्ड देखा जा सकता है. बैंकिंग, मेटल्स और टेक्नोलॉजी की मदद से निफ्टी 21200 के स्तर तक पहुंच सकता है. बैंक निफ्टी 51000 के स्तर को पार कर सकते हैं.
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